Awarapan 2 Box Office Collection: इमरान हाशमी की धमाकेदार वापसी और उनके करियर का उतार-चढ़ाव!:
दोस्तों, 'भारतीय जानकार' पर आपका एक बार फिर से स्वागत है। आज हम बात करने वाले हैं बॉलीवुड के उस अभिनेता की, जिसने अपने एक अलग अंदाज़ से लाखों दिलों पर राज किया—इमरान हाशमी! और मौका है उनकी नई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'आवारापन 2' (Awarapan 2) की शानदार बॉक्स ऑफिस सफलता का।
'आवारापन 2' ने बॉक्स ऑफिस पर गाड़े झंडे
सालों के इंतज़ार के बाद आख़िरकार शिवम् (इमरान हाशमी) लौट आया है। 2007 में आई 'आवारापन' इमरान के करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है, और अब इसके सीक्वल ने सिनेमाघरों में तहलका मचा दिया है।
रिलीज़ के पहले ही दिन से फिल्म के शोज हाउसफुल जा रहे हैं। दर्शकों को इमरान का वही इंटेंस लुक, बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी और फिल्म का सुपरहिट म्यूजिक दीवाना बना रहा है। पहले ही हफ्ते में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई करते हुए 100 करोड़ के क्लब में धाकड़ एंट्री मार ली है। यह फिल्म साबित करती है कि अगर कहानी में दम हो और इमरान हाशमी का जलवा हो, तो दर्शक आज भी उन्हें सिर आँखों पर बिठाते हैं।
शुरुआती दौर: रातों-रात बने सुपरस्टार
इमरान हाशमी का करियर किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं रहा है। 'फुटपाथ' (2003) से शुरुआत करने वाले इमरान को असली पहचान मिली 'मर्डर' (2004) से। इसके बाद 'आशिक़ बनाया आपने', 'अक्सर', और 'गैंगस्टर' जैसी फिल्मों ने उन्हें युवाओं का रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। उस दौर में इमरान की फिल्म का मतलब था—सुपरहिट गाने और बॉक्स ऑफिस पर गारंटीड सफलता।
करियर का पीक और अपनी इमेज बदलना
एक समय के बाद इमरान ने अपनी इमेज बदलने की कोशिश की। 'आवारापन' (2007), 'जन्नत' (2008), 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई' (2010) और 'द डर्टी पिक्चर' (2011) जैसी फिल्मों में उन्होंने साबित कर दिया कि वे सिर्फ रोमांटिक हीरो नहीं, बल्कि एक बेहद संजीदा और शानदार अभिनेता भी हैं। इन फिल्मों ने उन्हें क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों की वाहवाही दिलाई।
संघर्ष का दौर और उतार-चढ़ाओ
लेकिन हर चमकते सितारे की तरह इमरान के करियर में भी एक बुरा दौर आया। 2013-14 के बाद उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा पाईं। उन्होंने कई अलग तरह के प्रयोग किए, लेकिन दर्शकों ने उन्हें उस रूप में स्वीकार नहीं किया। यह वह दौर था जब लगा कि शायद इमरान हाशमी का जादू अब खत्म हो गया है।
शेर की वापसी: टाइगर 3 से आवारापन 2 तक
पर कहते हैं ना, शेर अगर दो कदम पीछे ले, तो इसका मतलब है कि वह बड़ी छलांग मारने वाला है! इमरान हाशमी ने हार नहीं मानी। 'टाइगर 3' में एक खूंखार विलेन बनकर उन्होंने सलमान खान के सामने अपनी ऐसी छाप छोड़ी कि लोग उनके दीवाने हो गए।
और अब, 'आवारापन 2' की महा-सफलता ने यह साबित कर दिया है कि इमरान हाशमी का युग अभी खत्म नहीं हुआ है। एक सोलो लीड के तौर पर उनकी इस वापसी ने बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
दोस्तों, आपको इमरान हाशमी की कौन सी फिल्म सबसे ज्यादा पसंद है और क्या आपने 'आवारापन 2' देख ली? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं!



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